लखनऊः यूपी के कद्दावर मुस्लिम नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी जल्द ही समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते है। जानकारी के मुताबिक, नसीमुद्दीन सिद्दीकी और समाजवादी पार्टी के बीच कई दौर बातचीत हो चुकी है। आज शाम चार बजे नसीमुद्दीन और समाजवादी पार्टी के नेताओ के बीच एक बार फिर बैठक होने वाली है, इसके बाद ज्वाइनिंग को लेकर आखिरी फैसला होगा।
पिछले महीने कांग्रेस से दिया था इस्तीफा
यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने 24 जनवरी को कांग्रेस से इस्तीफ़ा दिया था। नसीमुद्दीन कांग्रेस में प्रांतीय अध्यक्ष थे। पिछले दिनों रायबरेली जाने के लिए राहुल गांधी लखनऊ आये थे। एयरपोर्ट पर राहुल गांधी को रिसीव करने के लिए नसीमुद्दीन को एंट्री नही मिली थी और नसीमुद्दीन को एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा था। इससे नाराज़ होकर नसीमुद्दीन ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस से पहले बसपा में थे नसीमुद्दीन सिद्दीकी
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद अटकलें थी कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा में वापस लौट सकते हैं। नसीमुद्दीन काशीराम के ज़माने से बसपा में थे और मायावती के काफी करीबी माने जाते थे। मायावती चार बार यूपी की मुख्यमंत्री बनीं और चारों बार नसीमुद्दीन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। बाद में जब बसपा की सरकार नहीं रही तो मायावती और नसीमुद्दीन के बीच मनमुटाव हो गया। मायावती ने 2017 में नसीमुद्दीन को पार्टी से निकाल दिया था और 2018 में नसीमुद्दीन कांग्रेस में शामिल हो गए थे। हालांकि नसीमुद्दीन ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है लेकिन अभी भी उनके व्हाट्सएप्प पर डीपी राहुल गांधी के साथ ही लगी है।
कौन हैं नसीमुद्दीन सिद्दीकी?
पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी बांदा जिले के स्योंढ़ा गांव के मूल निवासी हैं। सिद्दीकी ने साल 1988 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत की। वह 1991 में बसपा के टिकट पर बांदा सदर सीट से पहली बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम किया और कहा जाता है कि वह उस समय की मुख्यमंत्री मायावती के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक थे। सिद्दीकी को 2017 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बसपा से निकाल दिया गया था। बसपा में सिद्दीकी का कद काफी बड़ा था और वह बसपा के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे थे।
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